क्या आपको पता है कि आपके घर का मुख्य दरवाज़ा आपकी किस्मत और खुशहाली को सीधा प्रभावित करता है?
बहुत से लोग घर सजाने और बनवाने में हजारों बातें सोचते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण जगह — मुख्य दरवाज़े (Main Entrance) — की दिशा और placement को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यही कारण है कि कई बार घर सुंदर होते हुए भी घर में शांति, धन और प्रगति नहीं टिक पाती।क्यों ज़रूरी है मुख्य दरवाज़े की सही दिशा?वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार “ऊर्जा का प्रवेश द्वार” माना जाता है। यह सिर्फ आपके घर का प्रवेश नहीं बल्कि सकारात्मक और नकारात्मक शक्तियों का भी रास्ता है।सही दिशा में बना मुख्य दरवाज़ा परिवार में सुख-समृद्धि लाता है।गलत दिशा का प्रवेश घर में तनाव, आर्थिक रुकावट और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है।
गलत दिशा के दरवाज़े और उनसे बचाव के उपाय
अगर मुख्य दरवाज़ा दक्षिण, पश्चिम, या दक्षिण-पश्चिम दिशा में हो तो वास्तु दोष हो सकता है। ऐसे में कुछ आसान उपाय मदद कर सकते हैं
दरवाज़े के बाहर तुलसी का पौधा लगाएं।
दरवाज़े पर लाल रंग का चोखा (मेटल या लकड़ी का) लगाएं।
प्रवेश द्वार के पास हल्की रंग की लाइटिंग करें ताकि ऊर्जा बनी रहे।
घर के अंदर दरवाज़े के ठीक सामने कोई आइना न लगाएं।
दरवाज़े के नीचे एक शुभ चिह्न जैसे स्वस्तिक या ‘ॐ’ बनाएं।
टॉर्चर या संगीत का उपयोग करके नकारात्मक ऊर्जा को दूर करें।
Placement के लिए विशेष ध्यान देंदरवाज़ा हमेशा बाहर की ओर खुलना चाहिए।
दरवाज़े के सामने सीधे कमरे, सीढ़ियाँ या खंभा न आए।
दरवाज़े के पास कोई कुंड या टॉयलेट नहीं होना चाहिए।
मुख्य दरवाज़ा घर का सबसे सुंदर और मजबूत होना चाहिए।
वास्तु अनुसार रंग विकल्पउत्तर और पूर्व दिशा के लिए सफेद, हरा या हल्का नीला रंग उत्तम रहता है।दक्षिण और पश्चिम दिशा के दरवाज़े के लिए हल्का पीला, लाल या ओरेन्ज़ रंग सही रहता है।भावनात्मक प्रभाव और सतत सकारात्मक ऊर्जाजब मुख्य दरवाज़ा सही दिशा और सही तरीके से बना हो, तो घर में सुख, शांति और तरक्की स्वाभाविक रूप से आती है। यह आपके मन को भी संतुलित, उत्साहित और सकारात्मक रखता है।